अस्तित्त्व मेरी कभी दब ना जाये
रुधिर मेरा कहीं रुक न जाये
तांडव नृत्य बिन भैरव न भाये
चाहे हिमालय हृदय थम जाये
रुद्र हूँ भोला जटा धार शिवशंकर हूँ
गंगा धोती कल्मष है
अविरत उसकी धारा
वो मेरी मुकुट मणि कि रानी है
असीम मेरी काया
काशी हृदय रामेश्वर मेरी छाया है
विष का अमृत होगया
विष कंठ मधुर मेरी वाणी से
काल कूट को ग्रहण किया
नए संसार का घटन किया
धरती का हर कन हूँ काल हूँ भारत हूँ
फिरभी भोला अत्यन्त हूँ मे ||
Monday, October 01, 2007
Friday, June 29, 2007
मेरी
खुशियोंसे ज़रा रंगोंसे ज़रा
हलकी नाज़ुक कलियोंसे भरा
सुबहका ओ सपना हो तुम्
रिहम रिहम गाते हुए उस पंछिकी तरह
जिगाक जिगाक कर उडती वह तितालिकी तरह
प्यारी मोहक सरिता हो तुम्
पर्बत कि उन् गहरी शिलाओंकी तरह
समुद्रमे खेलती उन् लेहरोंकी तरह
मेरे मॅन मे सदा बसी हो तुम्
हिमालैसे बहते उन् ज़रोनोंकी तरह
उन्न्पे पड़ती सुरज्की किर्नोंकी तरह
मेरे जीवन कि हर सांस हो तुम्
बरखा कि पहली फुह्हार कि तरह
कुहू, कोयल कि कुहक कि तरह
खुशियोंसे भरा संदेश हो तुम्
हलकी नाज़ुक कलियोंसे भरा
सुबहका ओ सपना हो तुम्
रिहम रिहम गाते हुए उस पंछिकी तरह
जिगाक जिगाक कर उडती वह तितालिकी तरह
प्यारी मोहक सरिता हो तुम्
पर्बत कि उन् गहरी शिलाओंकी तरह
समुद्रमे खेलती उन् लेहरोंकी तरह
मेरे मॅन मे सदा बसी हो तुम्
हिमालैसे बहते उन् ज़रोनोंकी तरह
उन्न्पे पड़ती सुरज्की किर्नोंकी तरह
मेरे जीवन कि हर सांस हो तुम्
बरखा कि पहली फुह्हार कि तरह
कुहू, कोयल कि कुहक कि तरह
खुशियोंसे भरा संदेश हो तुम्
Monday, April 16, 2007
कैसी होती जिंदगी?
ग़र मे नही होता तो कैसी होती जिंदगी ?
ऐसाही होता बहार ऐसी ही होती भर्खा
ऐसा ही होता सारा जहाँ
बस मे नही होता इस ज़िन्दगीके साथ
बस ऐसा ही चलता सफ़र दोस्तोंका
शायद ऐसा ही दौड़ता जहाँ जूजता
पर मई नही होता हम सफ़र जिन्दगिका
ऐसी ही होती सूरज कि रोशनी
ऐसी ही होती चाँद सितारोंकी चमक
बस मे नही पाता रोशनी जिंदगी kaa
ग़र मे नही होता तो कैसी होती जिंदगी?
मनोजव
ऐसाही होता बहार ऐसी ही होती भर्खा
ऐसा ही होता सारा जहाँ
बस मे नही होता इस ज़िन्दगीके साथ
बस ऐसा ही चलता सफ़र दोस्तोंका
शायद ऐसा ही दौड़ता जहाँ जूजता
पर मई नही होता हम सफ़र जिन्दगिका
ऐसी ही होती सूरज कि रोशनी
ऐसी ही होती चाँद सितारोंकी चमक
बस मे नही पाता रोशनी जिंदगी kaa
ग़र मे नही होता तो कैसी होती जिंदगी?
मनोजव
हमारा प्यार
इत्तेफाक है ये
मेरा इंतज़ार
इत्तेफाक है ये
तेरा ईकरार
मेरा इंतज़ार तेरा ईकरार
ओर हमारा ये प्यार
जिन्दगीके ये हसीं पल
कल्के सप्नोंमे सजायेथे हमने
कल्के सफर्के रास्तोंको
आज कि राफ्तारसे जियेंगे हम
मनोजव
मेरा इंतज़ार
इत्तेफाक है ये
तेरा ईकरार
मेरा इंतज़ार तेरा ईकरार
ओर हमारा ये प्यार
जिन्दगीके ये हसीं पल
कल्के सप्नोंमे सजायेथे हमने
कल्के सफर्के रास्तोंको
आज कि राफ्तारसे जियेंगे हम
मनोजव
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